वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त हार्वर्ड शिक्षण पारिस्थितिकी तंत्र के माध्यम से छात्रों को व्यावहारिक व्यावसायिक समझ, नेतृत्व क्षमता और अनुभवात्मक शिक्षण से सशक्त बनाने की पहल
16 जून 2026: भविष्य-केंद्रित शिक्षा के लिए भारत के अग्रणी बहुविषयक विश्वविद्यालयों में से एक यूपीईएस ने हार्वर्ड बिज़नेस इम्पैक्ट (एचबीआई) के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की है, जिसका उद्देश्य स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) प्रबंधन कार्यक्रमों में अनुभवात्मक एवं केस-आधारित शिक्षण को सशक्त बनाना है। ‘यूनिवर्सिटी ऑफ टुमॉरो’ बनने के अपने दृष्टिकोण और ‘एआई-फर्स्ट यूनिवर्सिटी’ की दिशा में आगे बढ़ते हुए, यूपीईएस वैश्विक शैक्षणिक संसाधनों, प्रौद्योगिकी-सक्षम शिक्षण, एआई-संचालित क्षमताओं और उद्योग-संबद्ध अनुभवों को छात्र शिक्षा यात्रा का अभिन्न हिस्सा बना रहा है।
यह साझेदारी छात्रों को विश्लेषणात्मक सोच, निर्णय लेने की क्षमता, नेतृत्व कौशल और समस्या-समाधान की दक्षताओं से सुसज्जित करने का प्रयास है, जो आज के तेजी से बदलते और प्रौद्योगिकी-संचालित व्यावसायिक वातावरण में सफलता के लिए आवश्यक हैं। ऐसे समय में जब कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वचालन और डिजिटल परिवर्तन व्यवसायों के स्वरूप, नेतृत्व की अपेक्षाओं और उद्योगों में आवश्यक कौशलों को पुनर्परिभाषित कर रहे हैं, यह सहयोग छात्रों को कक्षा आधारित शिक्षा और वास्तविक व्यावसायिक चुनौतियों के बीच की दूरी को कम करने में मदद करेगा।
इस साझेदारी के अंतर्गत छात्रों को हार्वर्ड बिज़नेस स्कूल के केस स्टडीज़, हार्वर्ड बिज़नेस रिव्यू के लेखों, मल्टीमीडिया सामग्री, वीडियो केस, पॉडकास्ट और अन्य शिक्षण संसाधनों के व्यापक संग्रह तक पहुँच प्राप्त होगी। ये संसाधन छात्रों को समकालीन व्यावसायिक चुनौतियों, उद्योग की सर्वोत्तम प्रक्रियाओं और वैश्विक प्रबंधन दृष्टिकोणों को अनुभवात्मक और अनुप्रयोग-आधारित तरीके से समझने का अवसर प्रदान करेंगे।
साझेदारी के तहत छात्रों को प्रतिवर्ष आठ उच्च-प्रभावी व्यावसायिक सिमुलेशन तक पहुँच भी मिलेगी, जिससे वे वास्तविक व्यावसायिक परिस्थितियों में सैद्धांतिक अवधारणाओं का उपयोग कर सकेंगे तथा अपनी रणनीतिक सोच, निर्णय लेने की क्षमता और नेतृत्व कौशल को और मजबूत कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, यूजी और पीजी कार्यक्रमों के छात्र वित्त, लेखांकन, प्रबंधन संचार, मात्रात्मक विश्लेषण तथा स्प्रेडशीट मॉडलिंग जैसे विषयों पर आधारित छह विशेष ब्रिजिंग पाठ्यक्रमों का लाभ उठा सकेंगे। छात्रों को ‘मैनेज मेंटर’ कार्यक्रम तक भी पहुँच प्रदान की जाएगी, जिससे वे स्व-गति आधारित शिक्षण मॉड्यूल्स के माध्यम से व्यावहारिक प्रबंधकीय दक्षताओं का विकास कर सकेंगे।
शिक्षण उत्कृष्टता और पाठ्यक्रम नवाचार को बढ़ावा देने के लिए इस साझेदारी में फैकल्टी विकास संबंधी कई पहलें भी शामिल हैं। इनमें हार्वर्ड बिज़नेस इम्पैक्ट की ‘टीचिंग विद केसेज़’ कार्यशालाएँ, प्रीमियम एजुकेटर अकाउंट्स, पाठ्यक्रम मैपिंग सहायता तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल परिवर्तन और हाइब्रिड लर्निंग जैसे उभरते विषयों पर ऑन-डिमांड वेबिनार्स की लाइब्रेरी तक पहुँच शामिल है।
डॉ. अभिषेक सिन्हा, प्रो वाइस-चांसलर (स्टूडेंट सक्सेस), यूपीईएस, ने कहा, “प्रबंधन शिक्षा का भविष्य शैक्षणिक शिक्षण और वास्तविक व्यावसायिक चुनौतियों के बीच प्रभावी सेतु बनाने में निहित है। हार्वर्ड बिज़नेस इम्पैक्ट के साथ हमारी साझेदारी छात्रों को वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त केस स्टडीज़, इमर्सिव सिमुलेशंस और अनुभवात्मक शिक्षण अवसरों तक पहुँच प्रदान करेगी, जो उनकी विश्लेषणात्मक सोच, निर्णय क्षमता और नेतृत्व कौशल को सशक्त बनाएंगे। इन संसाधनों को शिक्षण प्रक्रिया का हिस्सा बनाकर हमारा उद्देश्य छात्रों को जटिल परिस्थितियों का सामना करने, नवाचार को बढ़ावा देने और वैश्विक व्यावसायिक परिवेश में सार्थक प्रभाव उत्पन्न करने के लिए तैयार करना है।”
दिवेश मेहता, निदेशक, हार्वर्ड बिज़नेस इम्पैक्ट, भारत, ने कहा, “यूपीईएस हमारी इस सोच को साझा करता है कि प्रबंधन शिक्षा को उसी गति से विकसित होना चाहिए, जिस गति से वह दुनिया बदल रही है जिसका नेतृत्व आज के छात्र भविष्य में करेंगे। इस सहयोग के माध्यम से हम छात्रों को अनुभवात्मक और व्यवहारिक शिक्षण अवसर प्रदान कर रहे हैं, जो उन्हें वास्तविक व्यावसायिक निर्णय लेने की परिस्थितियों से परिचित कराएंगे। साथ मिलकर हम ऐसे नेतृत्वकर्ताओं की नई पीढ़ी तैयार कर रहे हैं, जो भविष्य के गतिशील व्यावसायिक परिदृश्य में सफलता प्राप्त करने के लिए पूरी तरह सक्षम होगी।”
यह साझेदारी उद्योग-संबद्ध और वैश्विक मानकों पर आधारित शिक्षण अनुभव प्रदान करने की दिशा में यूपीईएस की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यूपीईएस ऐसे शिक्षण वातावरण का निर्माण कर रहा है, जो शैक्षणिक उत्कृष्टता, उभरती प्रौद्योगिकियों, एआई-संचालित शिक्षण हस्तक्षेपों, वैश्विक अनुभवों और व्यावहारिक अनुप्रयोगों का समन्वय करते हुए छात्रों को भविष्य की कार्य दुनिया के लिए तैयार करता है। शैक्षणिक उत्कृष्टता और अनुभवात्मक शिक्षण के इस संयोजन के माध्यम से छात्र व्यावसायिक वास्तविकताओं की गहरी समझ विकसित कर सकेंगे और बदलती कार्य दुनिया के लिए अपनी तैयारी को और मजबूत बना सकेंगे।
इस साझेदारी के साथ यूपीईएस वैश्विक शैक्षणिक और उद्योग सहयोगों के अपने नेटवर्क का विस्तार कर रहा है तथा भविष्य के नेतृत्वकर्ताओं, नवप्रवर्तकों और उद्यमियों को तैयार करने की अपनी प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ कर रहा है।
अधिक जानकारी के लिए कृपया देखें: www.upes.ac.in
About UPES:
Established through the UPES Act, 2003, of the State Legislature of Uttarakhand, UPES is a top-ranked, UGC-recognised, private university. As per the National Institutional Ranking Framework (NIRF) 2025, the Ministry of Education, Government of India, UPES has been ranked 45 among universities, with a rank of 18 in Law, 36 in Management, and a rank of 43 in Engineering. As per the Times Higher Education (THE) World University Rankings 2026, UPES now stands in the 501-600 band globally and 5th in India, improving from 7th in 2025. Notably, in Research Quality, UPES jumped 57 positions in just one year to be ranked 299 globally. In addition to this, the university has been ranked the No.1 private university in academic reputation in India by the QS World University Rankings 2026. It is among the top 2% of universities in the world.
UPES has received 5 stars on Employability (placements) by the globally acclaimed QS Rating. 50+ faculty members from UPES feature among the world’s top 2% researchers as per the Stanford University list.
UPES offers graduate and postgraduate programs through its seven schools: School of Advanced Engineering, School of Computer Science, School of Design, School of Law, School of Business, School of Health Sciences & Technology, and School of Liberal Studies and Humanities. The UPES family includes 19100+ students, 1,500+ faculty and staff members, and a thriving community of 40000+ alumni that work across sectors in marquee brands like EY, KPMG, Bain and Co., McKinsey & Company, Capgemini, Google, Microsoft, Oracle, Nestle, ITC, Adani Power, ONGC, GMR, TCS, Wipro, Infosys, Amazon, Flipkart, Accenture, Deloitte and more.

