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Home»उत्तराखंड»मसूरी में टूरिस्ट रजिस्ट्रेशन: RTI के आंकड़ों से भारी कम रिपोर्टिंग पर गंभीर सवाल, जांच जरूरी कि क्या केवल 5 से 10 प्रतिशत टूरिस्ट का ही हो रहा है रजिस्ट्रेशन
उत्तराखंड देहरादून राज्य समाचार

मसूरी में टूरिस्ट रजिस्ट्रेशन: RTI के आंकड़ों से भारी कम रिपोर्टिंग पर गंभीर सवाल, जांच जरूरी कि क्या केवल 5 से 10 प्रतिशत टूरिस्ट का ही हो रहा है रजिस्ट्रेशन

Devbhumi NewsBy Devbhumi NewsAugust 2, 2026No Comments4 Mins Read
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देहरादून: सामाजिक कार्यकर्ता अनूप नौटियाल द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त आंकड़ों ने मसूरी में टूरिस्ट रजिस्ट्रेशन और हिल स्टेशन की कैरिंग कैपेसिटी के आकलन के लिए उपयोग किए जा रहे आंकड़ों की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। 10 जून 2026 को प्राप्त आरटीआई उत्तर के अनुसार, अगस्त 2025 से मई 2026 तक की 10 माह की अवधि में केवल 1,16,008 टूरिस्ट का रजिस्ट्रेशन हुआ, जबकि इस अवधि में सप्ताहांत, अवकाश, त्योहारों और ग्रीष्मकाल के एक हिस्से के दौरान मसूरी में भारी पर्यटक आवागमन रहा।

माहवार आंकड़ों के अनुसार अगस्त 2025 में 27,349, सितंबर में 5,876, अक्टूबर में 8,571, नवंबर में 6,134, दिसंबर में 9,346, जनवरी 2026 में 4,983, फरवरी में 3,003, मार्च में 4,759, अप्रैल में 20,731 और मई में 25,256 टूरिस्ट का रजिस्ट्रेशन हुआ। इन 10 महीनों में कुल 1,16,008 टूरिस्ट का रजिस्ट्रेशन दर्ज किया गया, जो वास्तविक टूरिस्ट आगमन का केवल एक छोटा हिस्सा प्रतीत होता है।

यह मुद्दा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि जनवरी 2023 में जोशीमठ भू-धंसाव संकट के बाद राष्ट्रीय हरित अधिकरण यानी एनजीटी के हस्तक्षेप के पश्चात टूरिस्ट रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था शुरू की गई थी। एनजीटी ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए मसूरी की वैज्ञानिक कैरिंग कैपेसिटी के आकलन के निर्देश दिए थे। इसके बाद उत्तराखंड सरकार ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में नौ सदस्यीय समिति का गठन किया, जिसे मसूरी की कैरिंग कैपेसिटी का आकलन करने तथा सुधारात्मक उपायों की सिफारिश करने का दायित्व दिया गया।

उत्तराखंड सरकार ने 24 जुलाई 2023 को एनजीटी के समक्ष प्रस्तुत अपनी विस्तृत रिपोर्ट में 18 निवारक और सुधारात्मक उपायों की पहचान की थी। राज्य सरकार ने यह भी कहा था कि क्षेत्र की कैरिंग कैपेसिटी के अनुरूप टूरिस्ट का रजिस्ट्रेशन किया जाना चाहिए। ऐसे में वैज्ञानिक योजना और प्रभावी प्रबंधन के लिए टूरिस्ट के सटीक आंकड़े अत्यंत आवश्यक हैं।

राज्य सरकार की रिपोर्ट के अनुसार जनवरी से मई 2022 के बीच 3,78,037 टूरिस्ट मसूरी पहुंचे थे। इसके विपरीत, आरटीआई के उत्तर के अनुसार जनवरी से मई 2026 के बीच केवल 58,732 टूरिस्ट का रजिस्ट्रेशन हुआ। इस प्रकार वर्ष 2026 में दर्ज रजिस्ट्रेशन, वर्ष 2022 की इसी अवधि में दर्ज टूरिस्ट संख्या का केवल लगभग 15 प्रतिशत है। यह अंतर रजिस्ट्रेशन व्यवस्था की पहुंच और क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

अनूप नौटियाल ने कहा, “उत्तराखंड सरकार की अपनी रिपोर्ट में दर्ज है कि जनवरी से मई 2022 के बीच 3,78,037 टूरिस्ट मसूरी पहुंचे थे। लेकिन वर्ष 2026 की इसी अवधि में केवल 58,732 टूरिस्ट का रजिस्ट्रेशन हुआ। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के शुरू होने और इसके कारण मसूरी की ओर टूरिस्ट की संख्या में बड़े स्तर पर वृद्धि की संभावना को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा सकता है कि वर्तमान में वास्तविक टूरिस्ट में से मुश्किल से 5 से 10 प्रतिशत का ही रजिस्ट्रेशन हो रहा होगा। हालांकि, इस अनुमान का मौजूदा रजिस्ट्रेशन सिस्टम के आधार पर सत्यापन किया जाना आवश्यक है। इस व्यवस्था की तत्काल समीक्षा और व्यापक सुधार की जरूरत है।”

अनूप नौटियाल ने कहा कि टूरिस्ट की वास्तविक संख्या का सटीक आंकड़ा मसूरी की वैज्ञानिक कैरिंग कैपेसिटी के आकलन का मूल आधार है। उन्होंने कहा, “वास्तविक टूरिस्ट आगमन की व्यापक और विश्वसनीय जानकारी के बिना सड़कों, यातायात, पार्किंग, जलापूर्ति, ठोस कचरा प्रबंधन, आवास, आपातकालीन सेवाओं और मसूरी के संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र पर पड़ने वाले दबाव का सही आकलन संभव नहीं है। अधूरे आंकड़े भ्रामक निष्कर्षों का कारण बनते हैं और तात्कालिक तथा दीर्घकालिक, दोनों प्रकार की योजना को कमजोर करते हैं।”

उन्होंने कहा कि टूरिस्ट रजिस्ट्रेशन व्यवस्था को केवल कागजी औपचारिकता न रहकर एक प्रभावी प्रबंधन सिस्टम बनना चाहिए। इसके लिए तत्काल समीक्षा कर क्रियान्वयन में मौजूद कमियों की पहचान, नियमों के अनुपालन को मजबूत करने, पर्यटन से जुड़े विभिन्न पक्षों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और टेक्नोलॉजी आधारित विश्वसनीय टूरिस्ट रजिस्ट्रेशन सिस्टम विकसित करने की आवश्यकता है।

वर्ष 2022 के टूरिस्ट आंकड़ों और वर्तमान रजिस्ट्रेशन संख्या के बीच मौजूद बड़े अंतर को देखते हुए अनूप नौटियाल ने कहा कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण को जमीनी स्थिति का संज्ञान लेते हुए आवश्यक सुधारात्मक कदमों के निर्देश देने चाहिए। जब तक रजिस्ट्रेशन के आंकड़े वास्तविक टूरिस्ट आगमन के स्तर को सही रूप से प्रतिबिंबित नहीं करते, तब तक मसूरी की विश्वसनीय कैरिंग कैपेसिटी का आकलन और पर्यटन वृद्धि का वैज्ञानिक एवं प्रभावी प्रबंधन संभव नहीं है।

सादर, आभार।

अनूप नौटियाल
2 अगस्त 2026

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